भदोही। गरीबों को आशियाना उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित अति महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना धांधली की भेंट चढ़ गई। वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 में तीन सौ 65 अपात्र लाभार्थियों द्वारा करीब तीन करोड़ रुपये गड़प कर लिया गया था। शासन के सख्त निर्देश के बाद अपात्रों से वसूली की कार्रवाई शुरू हो गई है। अब तक 66 अपात्रों द्वारा सरकारी धन को वापस किया जा चुका है।गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए समाजवादी लोहिया आवास और इंदिरा आवास योजना का संचालन किया जा रहा था। इसी तर्ज पर केंद्र सरकार की ओर से गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में पांच हजार नौ सौ 81 और वित्तीय वर्ष 2017-18 में चार हजार पांच सौ 60 आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें चयनित लाभार्थियों को प्रति आवास के निर्माण के लिए एक लाख 20 हजार रुपये उपलब्ध कराया जाता है। शुरूआती दौर में प्रधानों और सचिवों के तालमेल से गाइड लाइन को ताक पर रखकर अपात्रों को आवास आवंटित कर दिया गया। प्रधानमंत्री आवास को अपात्रों में आवंटित करने की आए दिन मिल रही शिकायत को तत्कालीन जिलाधिकारी विशाख जी ने गंभीरता से लिया था। आवासों का सत्यापन में पाया गया कि जिले में 365 अपात्रों को आवास आवंटित कर दिया गया था। इसमें से अधिसंख्य अपात्रों द्वारा खाते से धनराशि भी आहरित कर लिया गया था। इसमें से अकेले विकास खंड डीघ में 130 अपात्र लाभार्थी मिले थे जिसमें से अभी भी पचास से अधिक अपात्रों द्वारा गड़प की गई धनराशि वापस नहीं की गई है। परियोजना निदेशक आरएन सिंह ने बताया कि वसूली की कार्रवाई शुरू हो गई है। इसमें से 66 से अधिक अपात्रों द्वारा धनराशि वापस कर दी गई है। बताया कि जो लोग धनराशि वापस नहीं कर रहे हैं उन्हें नोटिस दी जा रही है। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। से रिकवरी शुरू.
पीएम आवास के 365 अपात्र लाभार्थियों से रिकवरी शुरू